अगर छाती में दर्द, जलन या दबाव महसूस हो रहा है – जानिए इसके कारण
छाती में होने वाला दर्द, जलन या दबाव अक्सर लोग गैस, एसिडिटी या थकान समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन हर बार यह साधारण कारण नहीं होता। कई मामलों में यह दिल (Heart) से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है।
शरीर अक्सर खतरे से पहले संकेत देता है — जरूरत है उन्हें समझने की।
1. दिल से जुड़ी समस्या (Heart Problem)
यह सबसे महत्वपूर्ण कारणों में से एक है।
कैसा दर्द हो सकता है?
- छाती में भारीपन या दबाव
- जकड़न जैसा अहसास
- दर्द का बाएं हाथ, गर्दन, जबड़े या पीठ तक जाना
- सांस फूलना
- ठंडा पसीना या घबराहट
ये लक्षण एंजाइना (Angina) या हार्ट अटैक के संकेत हो सकते हैं। खासकर यदि दर्द चलने, सीढ़ी चढ़ने या मेहनत करने पर बढ़ता है।
एसिडिटी या गैस (Acidity / GERD)
कई बार छाती की जलन दिल नहीं बल्कि पेट से जुड़ी होती है।
लक्षण:
- खाने के बाद जलन
- खट्टी डकारें
- लेटने पर तकलीफ बढ़ना
फिर भी, खुद से निर्णय लेना खतरनाक हो सकता है क्योंकि हार्ट पेन और एसिडिटी का दर्द मिलता-जुलता हो सकता है।
तनाव और चिंता (Stress & Anxiety)
ज्यादा तनाव होने पर भी छाती में अजीब दबाव या दर्द महसूस हो सकता है।
- दिल तेज धड़कना
- सांस लेने में कठिनाई
- घबराहट
लंबे समय तक तनाव रहने से ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ता है।
मांसपेशियों या हड्डियों का दर्द
अगर दर्द छूने या हिलने-डुलने से बढ़ता है, तो यह मांसपेशियों, पसलियों या जोड़ों से जुड़ा हो सकता है।
फेफड़ों से जुड़ी समस्या
कुछ फेफड़ों की बीमारियां जैसे संक्रमण या ब्लॉकेज भी छाती में दर्द दे सकती हैं, खासकर जब सांस लेते समय दर्द बढ़े। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज़ न करें और सही जांच के लिए Indore की जानी-मानी heart specialist Dr. Sarita Rao से परामर्श लें।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
अगर इन लक्षणों के साथ दर्द हो:
- सांस लेने में दिक्कत
- ठंडा पसीना
- उल्टी जैसा मन
- चक्कर या बेहोशी
- दर्द 5 मिनट से ज्यादा रहे
तुरंत अस्पताल जाएं। इंतजार न करें।
याद रखें
छाती का दर्द शरीर का चेतावनी संकेत है।
खुद से दवा लेना या इसे सामान्य समझना खतरनाक हो सकता है।
जल्दी जांच = बेहतर इलाज
देरी = बड़ा खतरा
छाती में दर्द, जलन या दबाव को कभी भी हल्के में न लें। यह साधारण एसिडिटी भी हो सकती है, लेकिन कई बार यही लक्षण दिल से जुड़ी गंभीर समस्या का शुरुआती संकेत होते हैं। सही कारण जानने का एक ही सुरक्षित तरीका है — समय पर जांच।
Cardiologist Dr. Sarita Rao के अनुसार, शरीर के संकेतों को समझना, नियमित हेल्थ चेकअप कराना, और BP, शुगर व कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखना दिल की बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
अगर ऐसे लक्षण बार-बार हो रहे हैं या कुछ मिनटों से ज़्यादा बने रहते हैं, तो देरी न करें।
जल्दी पहचान = बेहतर इलाज = सुरक्षित दिल।
आपकी सेहत आपकी सबसे बड़ी पूंजी है — इसका ध्यान रखना आपकी जिम्मेदारी है।

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